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Kiko Live Startup Story: किराना दुकानों को Digital बनाकर लाखों की कमाई का मौका

साल 2020 दुनिया के लिए एक बड़ी चुनौती लेकर आया था। जब कोरोना महामारी के कारण पूरे देश में लॉकडाउन लगा, तब लोगों के सामने सबसे बड़ी समस्या रोजमर्रा की जरूरतों की चीजें खरीदने की हो गई। बड़े शहरों से लेकर छोटे कस्बों तक, किराना दुकानों और ग्राहकों दोनों को काफी परेशानी का सामना करना पड़ा।

दुकानें सीमित समय के लिए खुलती थीं, कई जगह पूरी तरह बंद भी रहती थीं। ऐसे में लोग फोन कॉल या WhatsApp के जरिए ऑर्डर देने की कोशिश करते थे, लेकिन दुकानदारों के लिए इतने सारे ऑर्डर मैनेज करना आसान नहीं था। ऑर्डर मिस हो जाते थे, डिलीवरी में देरी होती थी और ग्राहकों को भी सही समय पर सामान नहीं मिल पाता था।

भारत में किराना दुकानें हमेशा से रिटेल इकॉनमी की सबसे मजबूत कड़ी रही हैं। देश के लाखों छोटे दुकानदार स्थानीय स्तर पर लोगों की जरूरतें पूरी करते हैं। लेकिन डिजिटल युग और ई-कॉमर्स कंपनियों के तेजी से बढ़ते प्रभाव के कारण इन छोटे व्यापारियों के सामने प्रतिस्पर्धा की नई चुनौती खड़ी हो गई।

इसी समस्या को समझते हुए एक ऐसे डिजिटल प्लेटफॉर्म का विचार सामने आया, जिसने हजारों किराना दुकानों को ऑनलाइन लाने का रास्ता दिखाया। इसी विचार से जन्म हुआ Kiko Live का।

Kiko Live की शुरुआत कैसे हुई

Kiko Live की शुरुआत एक बेहद साधारण लेकिन महत्वपूर्ण समस्या से हुई। लॉकडाउन के दौरान इसके फाउंडर्स ने देखा कि देश की करोड़ों किराना दुकानें अभी भी पूरी तरह ऑफलाइन हैं।

जब ग्राहक दुकान तक नहीं पहुंच पा रहे थे, तब दुकानदार भी अपने ग्राहकों तक नहीं पहुंच पा रहे थे। डिजिटल सिस्टम की कमी के कारण ऑर्डर लेना, स्टॉक मैनेज करना और समय पर डिलीवरी देना बेहद मुश्किल हो गया था।

इसी समस्या का समाधान निकालने के लिए Kiko Live का आइडिया सामने आया। इसका उद्देश्य था — छोटी किराना दुकानों को एक डिजिटल प्लेटफॉर्म देना, ताकि वे भी ऑनलाइन ऑर्डर ले सकें और अपने बिज़नेस को आधुनिक तरीके से चला सकें।

धीरे-धीरे यह आइडिया एक स्टार्टअप में बदल गया और आज Kiko Live हजारों किराना दुकानों को डिजिटल रूप से सशक्त बना रहा है।

Kiko Live कैसे काम करता है

Kiko Live एक डिजिटल प्लेटफॉर्म है जो स्थानीय किराना दुकानों, ग्राहकों और सप्लाई सिस्टम को एक ही नेटवर्क में जोड़ता है।

जब कोई किराना दुकानदार इस प्लेटफॉर्म से जुड़ता है, तो उसे अपनी दुकान का एक डिजिटल डैशबोर्ड मिलता है। इस डैशबोर्ड में दुकानदार अपने सभी प्रोडक्ट्स की सूची, उनकी कीमत और स्टॉक की जानकारी दर्ज कर सकता है।

जब कोई ग्राहक मोबाइल ऐप या ONDC नेटवर्क के माध्यम से अपने नजदीकी किराना स्टोर से ऑर्डर करता है, तो वह ऑर्डर सीधे उसी दुकान तक पहुंच जाता है। इससे ऑर्डर प्रोसेसिंग तेज़ होती है और ग्राहक को अपने ही इलाके की दुकान से जल्दी डिलीवरी मिल जाती है।

ग्राहक अपने ऑर्डर को ऐप के जरिए ट्रैक भी कर सकता है। इसके अलावा Kiko Live किराना दुकानदारों को सप्लाई मैनेजमेंट में भी मदद करता है। दुकानदार FMCG कंपनियों से सीधे सामान ऑर्डर कर सकते हैं, जिससे उनकी सप्लाई चेन भी बेहतर हो जाती है।

Kiko Live के फाउंडर्स कौन हैं

Kiko Live को ऐसे लोगों ने शुरू किया जिन्होंने जमीन स्तर पर किराना व्यापार की समस्याओं को समझा और टेक्नोलॉजी की मदद से उसका समाधान निकालने की कोशिश की।

Alok Chawla – Co-Founder और CEO
आलोक चावला Kiko Live के मुख्य संस्थापक और CEO हैं। उनका फोकस हमेशा से लोकल रिटेल और सप्लाई चेन को मजबूत बनाने पर रहा है। उनका मानना है कि अगर छोटे दुकानदारों को सही टेक्नोलॉजी और सपोर्ट मिले, तो वे बड़े ई-कॉमर्स प्लेटफॉर्म्स के साथ भी प्रतिस्पर्धा कर सकते हैं।

Neeta Chawla – Co-Founder और COO
नीता चावला कंपनी के ऑपरेशन्स को संभालती हैं। किराना दुकानों को प्लेटफॉर्म पर जोड़ना, उनकी ट्रेनिंग करना और सिस्टम को ग्राउंड लेवल पर प्रभावी बनाना उनकी जिम्मेदारी है।

Virendra Kumar Chouhan – Co-Founder और CTO
वीरेन्द्र कुमार चौहान Kiko Live के टेक्नोलॉजी सिस्टम के पीछे का प्रमुख दिमाग हैं। प्लेटफॉर्म का टेक्निकल डेवलपमेंट, ONDC इंटीग्रेशन और सिस्टम को स्केलेबल बनाना उनका मुख्य कार्य है।

ONDC मॉडल और Kiko Live की भूमिका

भारत सरकार द्वारा शुरू किया गया ONDC यानी Open Network for Digital Commerce एक ऐसा प्लेटफॉर्म है जिसका उद्देश्य ऑनलाइन व्यापार को ज्यादा खुला और निष्पक्ष बनाना है।

ONDC में कोई एक बड़ी कंपनी पूरे सिस्टम को कंट्रोल नहीं करती। इसके बजाय यह एक खुला नेटवर्क है जिसमें छोटे और बड़े सभी व्यापारी बराबरी से हिस्सा ले सकते हैं।

यहीं पर Kiko Live की भूमिका महत्वपूर्ण हो जाती है। यह प्लेटफॉर्म किराना दुकानों को ONDC नेटवर्क से जोड़ने में मदद करता है। Kiko Live एक seller-side enabler की तरह काम करता है, जिससे छोटे दुकानदार भी डिजिटल मार्केट में आसानी से शामिल हो सकते हैं।

इससे किराना दुकानों को ज्यादा ग्राहक मिलते हैं और उनकी बिक्री भी बढ़ती है।

आज Kiko Live के साथ लगभग 2000 से ज्यादा रिटेलर्स जुड़े हुए हैं और हर महीने सैकड़ों नए दुकानदार इस प्लेटफॉर्म से जुड़ रहे हैं। कंपनी अब 30 से अधिक शहरों और कस्बों में सक्रिय है और पूरे भारत में विस्तार करने की दिशा में काम कर रही है।

ONDC के जरिए किराना दुकानों को मिलने वाले फायदे

जब कोई किराना दुकान ONDC नेटवर्क से जुड़ती है, तो उसे कई महत्वपूर्ण फायदे मिलते हैं।

सबसे बड़ा फायदा यह है कि दुकानदार किसी एक बड़ी कंपनी पर निर्भर नहीं रहता। इसके अलावा कमीशन कम होने के कारण दुकानदार को ज्यादा मुनाफा मिल सकता है।

स्थानीय ग्राहक सीधे उसी दुकान से ऑर्डर कर सकते हैं, जिससे दुकानदार का ग्राहक आधार बढ़ता है। साथ ही दुकानदार अपने बिज़नेस का पूरा नियंत्रण खुद के पास रख सकता है।

Kiko Live का रेवेन्यू मॉडल और फंडिंग

Kiko Live अपने बिज़नेस से कई तरीकों से कमाई करता है। जब कोई नया किराना रिटेलर इस प्लेटफॉर्म से जुड़ता है, तो उससे एक बार की ऑनबोर्डिंग फीस ली जाती है। इसमें सिस्टम सेटअप, ट्रेनिंग और तकनीकी सहायता शामिल होती है।

इसके अलावा कुछ दुकानदारों से प्लेटफॉर्म का उपयोग करने और सपोर्ट सेवाओं के लिए मासिक सब्सक्रिप्शन भी लिया जाता है।

जब ONDC नेटवर्क के जरिए कोई ऑर्डर पूरा होता है, तो उस ट्रांजैक्शन पर भी कंपनी एक छोटा सा कमीशन प्राप्त करती है।

अब तक Kiko Live लगभग 2 मिलियन डॉलर से ज्यादा की फंडिंग जुटा चुका है। इस फंडिंग में Powerhouse Ventures, 9Unicorns, GSF, Venture Catalysts और Orbit Ventures जैसे निवेशकों ने हिस्सा लिया है।

इस निवेश का उपयोग कंपनी ने टेक्नोलॉजी को बेहतर बनाने, टीम को मजबूत करने और ज्यादा किराना दुकानों को प्लेटफॉर्म से जोड़ने के लिए किया है।

Kiko Live का भविष्य और विज़न

Kiko Live का लक्ष्य भारत की पारंपरिक किराना दुकानों को डिजिटल रूप से मजबूत बनाना है। कंपनी चाहती है कि छोटे दुकानदार भी आधुनिक तकनीक का इस्तेमाल करके अपने व्यापार को तेजी से बढ़ा सकें।

आने वाले समय में कंपनी का फोकस ज्यादा शहरों और कस्बों तक पहुंच बनाने पर है। इसके साथ ही किराना दुकानदारों के लिए वित्तीय सेवाएं और अन्य सपोर्ट सिस्टम जोड़ने की भी योजना बनाई जा रही है।

अगर यह मॉडल तेजी से आगे बढ़ता है, तो आने वाले वर्षों में लाखों किराना दुकानदार डिजिटल नेटवर्क से जुड़ सकते हैं और भारतीय रिटेल सेक्टर में एक बड़ा बदलाव देखने को मिल सकता है।

निष्कर्ष

Kiko Live एक ऐसा स्टार्टअप है जिसने एक वास्तविक समस्या को पहचानकर उसका डिजिटल समाधान तैयार किया। लॉकडाउन के दौरान शुरू हुआ यह विचार आज हजारों किराना दुकानों को ऑनलाइन लाने में मदद कर रहा है।

डिजिटल प्लेटफॉर्म, ONDC नेटवर्क और टेक्नोलॉजी की मदद से छोटे दुकानदार अब अपने व्यापार को नई ऊंचाइयों तक ले जा सकते हैं।

अगर आने वाले वर्षों में इस तरह के प्लेटफॉर्म और तेजी से विकसित होते हैं, तो भारत की पारंपरिक किराना दुकानों का भविष्य और भी मजबूत और डिजिटल हो सकता है।

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